Friday, 23 December 2011

q khafa ho gaye the tmse hm

Q behak gaye the hm, q khafa ho gaye the tmse hm, krte h pyar beintha tmse fir b jane q dur tmse chale gaye the hm.....

Dard wo hi q dete h


Dard wo hi q dete h jo apne hote h, dil me rah kar aksar isme rahne wale hi dil tod dete h, jara sa hm dillagi krte h unse to wo khafa ho jate h, jara wo khud se puche jab wo bina kisi khata k hmara dil har baar tod dete h....

Tuesday, 13 December 2011

chali gayi tum mujse dur

Q suni kar k zindagi meri chali gayi tum mujse dur, q de kar dard judai ka chali gayi mujse dur, kya ki maine khata aaj muje tu ye to bta, hai kya wazah jiski di tune muje ye saza, q muje tadapta chhod chali gayi tum mujse dur.....

Monday, 12 December 2011

Darta h dil

Darta h dil unke ruthey jane par, darta h dil unke dur jane par, darta h dil tanha muje  kabhi kar jane par, darta h dil mera wada na kabhi unke tod jane par, h pyar unhe mujhse bepanah fir q darta h dil mera unse khafa hone par.......

Khush hu bahut


Khush hu bahut mai tumhe pa kr, na hogi koi khata tumhe aajma kr, basti h tmhari hi ek surat dil me mere  dur tumse rahkar, na chale jana tum kabi mera sheesha samjh k dil  tod kr,
mil pao na muje tum kabi, koi shikwa nhi krenge tumse bs ye vinti h, "dil me apne na kabi km hone dena ye pyar, na bhula dena muje mujhse kabi ruth kr, na chhod jana mujhe kabhi yu tadapta chhod kr"..

Saturday, 10 December 2011

surat sirf tumhari..


meri zindgi to bas h tumhri, meri har sans to h bas tumhari, mere seene me jo dil h usme basti h surat sirf tumhari..

q milti h muje judai aksar unhe pa kar


Milti h khushi unki aankho me pyar dekh kr, hoti h khushi unhe karib pa kr, h pyar hme unse beinthaa, fir q milti h muje judai aksar unhe pa kar

maut ka intzaar krna padta h..


Q pyar krne walo rona padta h, q kisi pe marne walo ko tanha hona padta h, q milti h wafa k badle bewafai sachhi mohbbat krne walo ko, q apni chahat pe apni jaan lutane walo ko hi zindagi bhar pyaar ka badle sirf maut ka intzaar  krna padta h..

rab ko raham aaya


Meri chahat pe rab ko raham aaya, jo tha naamumkin usse mumkin bnaya, tha ek khwaab jo unse ek chhoti c mulaqat ka, rab wo waqt meri zindgi me aakhir le hi aaya..

Wednesday, 7 December 2011

नेट फ्रेंड(Net Friend Artical)


हेल्लो दोस्तों, आज मेरा आर्टिकल जिसका शीर्षक है नेट फ्रेंड के बारे में हैं, इससे पहले भी मैंने एक ऐसा ही आर्टिकल लिखा था जिसमे नेट पे मिलने वाले आशिको के बारे में लिखा था, पर मेरा ये आर्टिकल उससे थोडा अलग है और उन् लोगों के लिए है जो नेट पे मिलने वाले ऐसे दिल फेक आशिकों के जाल में आसानी से फस जाते हैं !




हमारे पहली कहानी है शिखा ( बदला हुआ नाम) अजमेर की, शिखा बताती हैं की अपने बॉय फ्रेंड से नाराज़ होने पे वो अपने लिए एक नया बॉय फ्रेंड ढून्ढ रही थी, इसके लिए उन्हें सबसे आसन तरीका लगा नेट, वो नेट पे अलग अलग sites पे अपने लिए लड़का ढूँढने लगी, उन्हें एक लड़का मिला, जो की पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसी शहर से था, पर किसी अरेबियन देश में काम करता था, उसकी बाते शिखा को लुभावनी लगी, कुछ दिन बाद दोनों ने एक दुसरे के फ़ोन नुम्बेर्स भे शेयर कर लिए, फिर फ़ोन पे उनकी बात होने लगी, बात शादी तक होने लगी दोनों की, पर शिखा ने शादी की बात होने से पहले उस लड़के के बारे में एक बार enquiry करने का फैसला किया, उसने अपनी एक फ्रेंड को उसका ईमेल आई दी दिया, और बात ही बात में उसके बारे में जान्ने को कहा, उसकी फ्रेंड ने सिर्फ दो दिन में ही उस लड़के की हकीकत उसके सामने रख दी, की वो लड़का तो हर लडकी के साथ ऐसे ही करता है, नेट पे दोस्ती करना, लडकी पटना, झूठे शादी के वादे कर के उससे इस्तेमाल कर  के चले जाना,  ये तो आम बात है उसके लिए, शिखा खुद को खुशनसीब मानती है की उनके साथ ऐसा कुछ होने से पहले ही उन्हें सछ पता चल गया, उससे मिलने से पहले ही उस लड़के ही हकीकत उन्हें पता चल गयी, पर हर कोई उनकी तरह खुशनसीब नही होता,

हमारी दूसरी कहानी है विजेता (मुंबई) की, इनकी कहानी भी कुछ हद तक शिखा जैसी ही है, विजेता बताती है की इनका ब्रेक उप हो गया जब इनके बॉय फ्रेंड से तो ये काफी टेंस हो गयी, तब इनकी एक नेट फ्रेंड ने अपने ही एक दोस्त से नेट पर ही उनकी दोस्ती करवाई, कुछ दिन साधारण सी बात हुई, फिर उस लड़के ने विजेता को prpose किया, विजेता ने उसे मन कर दिया, पर जब उसकी नेट फ्रेंड ने जिनसे उनकी दोस्ती करवाई थी, उसे एक बार मौका देने को कहा और कहा की वो उसकी gaurantee लेती है की वो और लडको की तरह नही है, वो उसे शादी करेगा, वो बहुत अच्छा लड़का है, विजेता ने सोचा एक लडकी दूसरी लडकी का बुरा नही सोच सकती, उसने उसकी बात पे भरोसा कर के उस लड़के का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, कुछ दिन तो सब ठीक रहा, वो विजेता के सामने एक शरीफ लड़के होने का नाटक करता रहा, दिखता रहा की वो उसके एक्स बॉय फ्रेंड से बहुत अच्छा है, पर ये सब उसकी सिर्फ एक चाल थी, वो सिर्फ उससे इस्तेमाल करना चाहता था, एक दिन मौका पा कर वो उसे अपने एक दोस्त के घर ले गया, जहाँ उसने विजेता के साथ सेक्स किया, विजेता को ना चाहते हुए भी ऐसा करना पड़ा, उस लड़के ने उससे विश्वास दिलवाया की वो उससे शादी करेगा, इसके बाद शादी का वादा कर के उसने विजेता के साथ जाने कितनी बार और अलग अलग जगह पर ले जा कर सेक्स किया, फिर एक दिन उसे रिश्ता ख़त्म कर दिया ये कह कर की उसके घर वाले इस रिश्ते के लिए कभी तैयार नही होंगे, जो कुछ भी हुआ उसे भूल जाओ ! कितनी आसानी से उस लड़के ने विजेता को इस्तेमाल कर के अपनी जिंदगी से निकल दिया,


दोस्तों मेरी तीसरी कहानी है पूजा ( बदला हुआ नाम ) हरियाणा  की, पूजा को अपने ऑफिस के काम से अकेले देहरादून जाना था, उन्होंने इसका जिक्र अपने एक नेट पे मिलने वाले एक दोस्त से किया, अक्सर दोनों की बाते होती रहती थी नेट पे, पूजा उसे अपनी सबी प्रोब्लेम्स शेयर करती थी, जिस दिन पूजा देहरादून जाने वाली थी, उस लड़के ने भी देहरादून जाने की ख्वाइश जाहिर की उनके साथ, चूंकि पूजा का reservation था ट्रेन में, उस लड़के का नही था फिर भी एक वेटिंग का टिकेट ले कर वो उनके साथ देहरादून जाने को तैयार हो गया, तय हुआ की दोनों एक ही सीट शेयर करेंगे ट्रेन में, फिर दोनों एक साथ देहरादून चल दिए, पूजा बताती है की रात का ट्रेन में खाना खाने के  बाद जब वो अपनी सीट पे लेट गयी तो वो लड़का भी उनके पास आ कर लेट गया, उन्होंने सोचा की जगह कम है इसलिए लेता है, पर फिर उसने उनके साथ छेड़ छाड़ शुरू कर दी, वो कुछ कह भी नही पा रही थी क्यों की ट्रेन में बदनामी का दर था, और लोग उन्हें पति पत्नी समझ रहे थे, पर किसी तरह से वो उससे दूर हो कर एक अलग सीट पे जा के लेट गयी, रात को गुज़र गयी पर जब सुबह वो देहरादून पहुची तो उन्हें एक होटल चाहिए था, वो लड़का अब उनके साथ था, और रात के लिए माफ़ी मांग रहा था, उस पे भरोसा कर के पूजा उसे अपने साथ होटल में ले गयी, पूजा काफी थका हुआ मेसूस कर रही थी इसलिए फ्रेश हो कर लेट गयी, पर वह भी उस लड़के ने मौका पा कर उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, पूजा वह से किसी तरह बच के निकल गयी !



दोस्तों मेरी अगली कहानी है दीपक (बदला नाम) आगरा की, दीपक की दोस्ती  नेट पे एक लडकी (बनारस) से हुई, दोनों ने फ़ोन नुम्बेर्स एक दुसरे के शेयर करे, दोनों घंटो तक एक दुसरे से बात करते रहते थे, कुछ दिन बाद दोनों की ये दोस्ती प्यार में बदल गयी, पर कुछ दिन बाद दीपक जब भी उसे फ़ोन करता उसका फ़ोन बंद रहता, ना वो चेट पे आती और ना फ़ोन पे उसे कोई संपर्क हो पा रहा था, दीपक को बहुत टेंशन हो रही थी की आखिर बात क्या हो गयी है, कुछ दिन बाद उसकी एक सहेली ने फ़ोन कर के दीपक हो बताया की उसकी दोस्त की तबियत बहुत ख़राब है, शायद वो बच ना सके, उसके इलाज़ में बहुत खर्चा आयगा, दीपक हो बहुत गहरा धक्का लगा, वो बनारस आ कर उससे मिलना चाहता था, पर उसके सहेली ने वह ना आने को कहा, और उससे पैसे मांगे उसके इलाज़ के लिए, प्यार में अंधे हुए दीपक को कुछ नज़र नही आया, और उसने १००० रुपया उसे भेज दिए, फिर अपनी बीमारी का बहाना कर के उस लडकी ने उसे करीब ८००० रपये ठग लिए, दीपक को उस लडकी की हकीकत का पता तब चला जब उसने एक दिन उस लडकी का आई दी हैक कर लिए, और वह उसने उसकी chat  चेक करी, अपने फ्रेंड बन कर दर असल वो ही आवाज़ बदल कर दीपक से पैसे मांगती थी, ये ही उसका काम था, पता नही कितनो को ऐसे ही चूना लगा चुकी थी, जांच करने पे पता चला की कई लोगो से शादी कर के वहा के लोगो का विश्वास जीत के लाखो का सामन ले कर वो रफूचक्कर हो चुकी थी.




सो मेरे प्यारे दोस्तों ये उन लोगो की कहानी है जो हमे अक्सर नेट पे मिल जाते हैं, प्यारे दोस्तों हम आपसे ये नही कहते की आप किसी से दोस्ती मत करो, पर किसी पे जरूरत से ज्यादा भरोसा मत करो, और नेट पे मिलने वाले आशिको से बच के रहो.........बाकी तो आप खुद ही समझदार हैं.................

yad aate ho

Q har pal tum muje yad aate ho, q har lamha muje tadpate ho, rahte ho jane kitni dur hmse tum fir bhi q har jagah nazar aate ho....

Dekha tha ek sapna


Dekha tha ek sapna, usme dekha ek chehra jo laga muje jana pahchana, wo ajnabi lagne laga na jane kab muje apna, na jane kab kaise mere iss dil ne usse maan liya tha apna, par baat to ye ek khwaab thi, jab tooti nind to wo hi surat mere paas thi, kaise hua mera ye adhura khwaab pura, thaam liya usne haath mera, jo chaha tha dil ne raat khwaab me aaj wo khubsurat pal mere paas tha, wo ajnabi mere bahut paas tha..

Tuesday, 6 December 2011

dua rang layi


Mere dosto ki dua rang layi, unki dua sun kr hi mere khuda na unse ye mulakat karwai, chhod di thi apni aakhiri sans tak unse milne ki wo ummid, ye mere dosto ki fariyad ka asar hua jo unse ye mulaakat karwai, aur iss kuch pal ki mulaakat me hi unse   maine zindagi bhar ki thi har khushi payi..

ek khwaish puri ho gayi


"barso baad meri ek khwaish puri ho gayi, meri barso baad unse  mulakat ho gayi, ji liya hmne unke sath kuch pal me hi zindgi ko,
na jane zindagi me fir unse mulaqat hogi ya na hogi, krna fariyad jara dosto tum b mere liye rab se, ab
na mile itni lambi judai unse kabi fir muje, mile to zindgi bhar ka ab saath unka muje"

Monday, 5 December 2011

meri sanso me tum ho

meri sanso me tum ho, meri dhadkan me tum ho, dur rahte mujse par lagta h ki har pal mere pass tum ho ..

खो चुके थे उनसे मिलने की हर उम्मीद हम


खो चुके थे उनसे मिलने की हर उम्मीद हम, सोचने लगे थे न मिल सकेंगे उनसे कभी हम, पर आखिर उस रब की नज़र में आये हम,
कबूल कर ली उसने जो दुआ हमारी भी, पहला कहे या आखरी बार ही सही उनसे मुझे एक बार मिला तो दिया, जो खो चुके थे हर उम्मीद उनसे मिलने की हम, उनसे मिलवा कर रब ने मेरे दिल में प्यार की तलास में बुझे हुए चिराग को आखिर इस कदर जला जो दिया......

ek khwaab jo poora ho jaaye


ek khwaab jo poora ho jaaye, ek wada jo kabi toda na jaaye, ek saathi mil jaaye hume b jo hmse kabi door na rah paaye.............

Wednesday, 30 November 2011

Ye ashk to.....

Ye ashk to unke liye bahaye jate h jo apne hmse dur chale jate h, par unke liye ye keemti moti q bahaye jaye jo kabi apne huye hi nhi, mana badnsib h hm jo na mil saka ek sachha chahne wala hme par hm sochte h kabi kabi wo to hmse b h badnasib jisne apne haath se nasib se mile pyar ko hmesha k liye khoya h..

Monday, 28 November 2011

ek ummid jagi h


Dil me unse milne ki ek ummid jagi h, kitni mannato k baad k ghadi muje mili h, sahi h unse maine ye judai barso ki, shayad rab ne meri fariyad sun li h,
bas kuch din k baad wo honge mere saath, jee lenge uss pal ko apni puri zindagi samjh kar, manga tha ye hi wo lamha rab se maine aur aaj muje wo ghadi mil rhi h....

Sunday, 27 November 2011

dua ka asar hai


Aaj mausam kuch bdla-bdla sa h, aaj ye shama me kuch khushnumapan sa h, na to ye kisi k pyar ka asar h aur na ikraar ka, h jo fiza kuch bdli hui isme uss  rab di dua ka asar h.....

क्यों हल चल सी है दिल में

1
 "क्यों हल चल सी है दिल में, 
क्यों ये मेरा दिल  बेक़रार है
 है  तू नही मेरे पास फिर भी 
मुझे तुझसे ही प्यार क्यों है-2

क्यों है मुझे हर पल सिर्फ 
तेरा ही इंतज़ार, 
क्यों तड़पता है तुझे याद कर
 मेरा ये दिल बार बार 







सोचती हूँ मैं जैसे तड़पता है

 मेरा ये दिल सिर्फ तेरे लिए ,
 क्या तेरा भी  दिल तडपा है 
कभी मेरे लिए, 

क्या हुआ तू भी है कभी बेकरार यु  मेरे लिए, 
क्या खोयी है नींद तुने भी अपनी सिर्फ मेरे लिए,

 क्या तेरा दिल भी धड़का है कभी मेरे लिए 
क्या हुआ तू भी है कभी इस तरह बैचेन मेरे लिए, 

क्या कभी की है फरियाद रब से मुझसे मिलन की
 क्या रखी है लाज तूने भी अपने हर वचन की

क्या आये हैं तेरी आँखों में अश्क कभी सिर्फ मेरे लिए, क्या रोया  है तू भी छिप कर कहीं कभी मेरे लिए,



क्यों हल चल सी है दिल में..........................


 ऐ  मेरे दिलबर ये तो बता तुने कभी मुझे चाहा है इस कदर 

अपनी जिंदगी लुटा  सके मुझपे इस कदर, 

कर दे मुझपे कुर्बान अपना सब कुछ, 
लुटा दे सके तो लुटा दे मुझपे अपना हर पल तू, 
थाम कर हाथ मेरा ले चल अपने साथ तू

दे मुझे इतना प्यार की हर कोई कहे देख कर तुझे आशिक हो तो सिर्फ तेरी तरह, 


 नहीं मांगती तुझसे मैं वो दुनिया की दौलत,
 बस मांगती हूँ साथ तेरा जो हो मेरे पास हर पल, 

चाहे हर लम्हा मुझे अपनी तू दुनिया समझ कर 
मैं मैं चाहू तुझे अपना रब समझ कर



मिले मुझे इतना प्यार तुझसे बेपनाह, 

 आ बाहों में ले तू तुझे बना ले अब अपना

 रहे पास मेरे हमेशा अपना हक़ समझ के, 
न जाये तू मुझसे कभी यूँ रूठ के ,

 न जुदा हो मैं तुझसे कभी,!
मेरी साँसों में रहे तू सदा

तेरे  दिल में रहू मैं सदा, 

रहे ये प्यार हमारे बीच सदा इस तरह 
जैसे दो जिस्म  हो मगर  हो 
एक जान  इस तरह, 
न तू हो मुझसे दूर कभी 
न जाऊ मैं तुझसे कही दूर कभी,

करती हूँ उस रब से ये फ़रियाद बार बार,

हर जन्म में बनू   बस तेरी मेरे यार

 तेरे दिल में हर पल सिर्फ  मैं ही रहू,
करती हूँ रब से बस ये ही एक फ़रियाद ,

कर ले वो इसे स्वीकार,
 करते रहे हम
 ऐसे ही  मोहब्बत बेशुमार!


क्यों हल चल सी है दिल में, 

क्यों ये मेरा दिल  बेक़रार है, 
 तू नही मेरे पास फिर भी मुझे
 तुझसे ही प्यार क्यों है, 

क्यों है मुझे हर पल
 सिर्फ तेरा ही इंतज़ार, 
क्यों तड़पता है तुझे याद कर
 के मेरा ये दिल बार बार-२

क्योँ हलचल सी है............-२"





Thursday, 24 November 2011

Jindgi se koi ummid nhi bachi h

Jindgi se koi ummid nhi bachi h, jise apna samjha usi ne daga muje di h, g chahta h gale laga k muje poche aansu mere koi, kahi mil jaye aur seene se laga le muje koi, h pta muje jahan me koi nhi aisa mere liye, siwa uss khuda k jisne abi tak h taar meri sanso k meri zindagi se baandhe huye....

Na samjhna meri bato se behaka hua muje


Na samjhna meri bato se behaka hua muje, behake to tab the jab kise k huye the, gam aur aansu usse muje behisab mile the, mili muje par lamha begunah hone ki ye saza, tabi ab maine ye faisla h kiya, chhod du jamane ko ab, laga lu khud ko prabhu ki sewa mein ab, kho jau unke pyar me, bhula du puri duniya ko ab..

Toot kar yu bikhar gaye hm


Toot kar yu bikhar gaye hm, unke paas aa kar dur ho gaye hm, tha ek sapna zindagi me unse ek mulakat ka, jab aaya wo lamha to wo kahne lage na mil sakenge tumse kabi hm, kya hui khata mujhse ae khuda tu mujhe bata de, q paas kar iss kadar dur huye hm........

Jisse apna samjte rhe


Jisse apna samjte rhe wo begane nikle, jo sang khwaab unke dekhe wo gam k afsane nikale, jitni mili muskan unse muje wo zinadgi bhar k dard-e-dastan nikle,
ae khuda h sawal mera tujse, kya gamo ki kami thi meri zindgi me jo unhe meri zindagi mein la  kar ashko bhare paigan tune mere naam likhe.....

Uski khushi k liye hmne hasna chhod diya


Uski khushi k liye hmne hasna chhod diya, uski chahat me hmne khud ko gamo k saagar me dubo diya, uski khushi k liye hmne jaam ka haath thaam liya, uski khushi k liye hmne apne ashko ko chhipa liya,
uski khushi k liye uski bewafai ko bhi wafa-e-zindagi bana diya, uski khushi k liye kurban kr di apni puri zindagi, par afsos hmari jaan lene k baad bhi uske laboon pe koi muskurahat fir b na la sake hm mere yaar.....

Pyar ko pyar se har lamha pyaar ki ye saza do..


Pyar ko pyar se samja do, pyar ko pyar se fusla do, Pyar ko pyar se behka do, Pyar ko pyar se duri bna lo, Pyar ko pyar se aansuo k samndar me dubo do
, Pyar ko pyar se bewafai do, Pyar ko pyar se tadap har lamha do, Pyar ko pyar se har lamha pyaar ki ye saza do, pyaar ko pyaar se hi har rishta tod do..

Apni kismat pe hm har waqt aansu bahate h


Apni kismat pe hm har waqt aansu bahate h, aise log meri zindgi me q aate h jo sirf aansu de kar dur mujhse chale jaate  h, hm to luta dete h apni har khushi un par fir q wo muje dard-e-tanhai de jate h, hm to sirf jeevan bhar saath nibhane ka wada chahte h unse par q fir muje majdhar me akela chhod kar, yu tadapta chhod kar dur mujhse ho jate h, kya mai nhi hon kisi k kaabil, h shayad mujme hi koi kami tabhi  sabhi mere paas aa kar ek din mujhse dur ho chale jate h....

Q mila muje dard har baar hi,


Q mila muje dard har baar hi, q mila dhokha muje har baar h, q mili judai har baar hi, q mili wafa k badle bewfai har baar h,
shayad ye duniya h nhi mere liye ya fir mai hi nhi hoon iss jahan k liye, tabhi apna bana k gam aur aansu diye sabhi ne mujhe yu har baar h.......

Unki khushi k liye sabse naata tod diya


Unki khushi k liye sabse naata tod diya, unki khushi k liye kud ko badal diya, unka saath pane k liye dosto ko bhula diya, kya malum tha ek bewafa pe mar mite h hm to, jiski khushi k liye sab kuch kiya uss bewafa ne meri wafa k badle bewafai dikha k iss kadar tanha chhod diya, uss bewafa ne mujhe akela chhod diya.....

Kyon karke tanha

Kyon karke tanha muje chale gaye tum, kyon de kar gam judai ka dur ho gye tum, kyon rula kar mujhe kis jahan me kho gaye ho tum, tumhari yaad aati h har baar  muje, bhig jaati h palke tujhe yaad kar k, mujhe bas itna bata do kya apni uss duniya me kabi muje b yaad karte ho tum, kya khushiyon ke beech akele mein baith ke mujhe pukarte ho tum, aakhir kabi ye to batoo kyon karke tanha muje chale gaye tum.....
.....

Karte h tmhe kitna pyar

Karte h tmhe kitna pyar kaise tmhe btaye hm, chahte h tmhe kitna kaise smjaye tmhe hm, tmse ruthna, tmse naraz hona ye to dillagi thi hmari, maaf krte rhe tm ab tak har galti hmari, fir q aaj tod k bandhan hmare pyar k yu chale gye hmse dur tum, q kr gaye muje tanha fir aaj tum, pahle to kahte the hmse na rah paoge tum hmare bin, aaj fir mujhe gam aur aansu de kr uss anjan jahan me q chale gye tm, h pta tmhe ki jism to rhega mera iss jahan me par meri ruh to ab bin tere jane kahan ho rahi h gumm.....

Hasste hasste fir meri aankh namm ho jati h


Hasste hasste fir meri aankh namm ho jati h, baithe baithe fir koi becheni c ho jati h, din to kat ta h muskil se par raat uss waqt jyada satati h jab sote huye fir meri nind tut jati h, rahta h aaj b khyal tera mere iss dil me jabki h pata mujhe ki tu ab iss duniya me nhi rahti h....

chaaha tha kabi na kam ho pyaar unka


Maanga tha sirf zindgi bhar ka saath unka, chaaha tha kabi na kam ho pyaar unka, rahte the mere dil me wo iss kadar ki har dhadkan me sirf naam hi sunai deta tha sirf unka, ek waade ki hasrat liye jane kahan jaa rhe h hm, kaash ab to wo b kah de hmse teri tarah mujhse bhi h ab na dur ho kar jiya jaata, karta hu main bhi tujhe ab pyar beintha.......

Ek pyar k siwa na chaha tha unse hmne kuch

Ek pyar k siwa na chaha tha unse hmne kuch, unke saath ki chahat k siwa na ki thi koi fariyad kuch, jab tak rhegi saan mere jism me tab tak har kadam pe unka nibhaynge saath hm, bas ye sochne ki mili h muje saza kuch, unhe to tod k saare pyar k wo bandhan dur tha hmse jana, unhe zindgi bhar apna samjhne ki bas ye bhul hi hui h kuch......

Kyon milti h judai

Kyon milti h judai unse hi jo rahte h dil me har pal hi , kyon diya h dard unhone hi jinhe di khushi har pal hi, kyon diye aansu usne hi jinhe di muskuraht har pal hi, mili kyon unse hi wafa k badle bewai jinpe har pal h jaan lutai......

har lamha yaad aata h

Tere saath bita har lamha yaad aata h, tere saath khushi wo har pal yaad aata h, mere hontho pe kis kadar laate the tum hassi aaj tumse juda ho kar aansu k saath wo waqt bahut yaad aata h....

Wednesday, 23 November 2011

muje b yaad karte ho tum.....

Kyon karke tanha muje chale gaye tum, kyon de kar gam judai ka dur ho gye tum, kyon rula kar mujhe kis jahan me kho gaye ho tum, tumhari yaad aati h har muje, bhig jaati h palke tujhe yaad kar k, mujhe bas itna bata do kya apni uss duniya me kabi muje b yaad karte ho tum.....

fir meri aankh namm ho jati h,

Hasste hasste fir meri aankh namm ho jati h, baithe baithe fir koi becheni c ho jati h, din to kat ta h muskil se par raat uss waqt jyada satati h jab sote huye fir meri nind tut jati h, rahta h aaj b khyal tera mere iss dil me jabki h pata mujhe ki tu ab iss duniya me nhi rahti h....

Monday, 21 November 2011

Maanga tha sirf

Maanga tha sirf zindgi bhar ka saath unka, chaaha tha kabi na kam ho pyaar unka, rahte the mere dil me wo iss kadar ki har dhadkan me sirf naam hi sunai deta tha sirf unka, ek waade ki hasrat liye jane kahan jaa rhe h hm, kaash ab to wo b kah de hmse teri tarah mujhse bhi h ab na dur ho kar jiya jaata, karta hu main bhi tujhe ab pyar beintha.......

Sunday, 20 November 2011

Kyon karke tanha muje

Kyon karke tanha muje chale gaye tum, kyon de kar gam judai ka dur ho gye tum, kyon rula kar mujhe kis jahan me kho gaye ho tum, tumhari yaad aati h har muje, bhig jaati h palke tujhe yaad kar k, mujhe bas itna bata do kya apni uss duniya me kabi muje b yaad karte ho tum.....

har lamha yaad aata h

Tere saath bita har lamha yaad aata h, tere saath khushi wo har pal yaad aata h, mere hontho pe kis kadar laate the tum hassi aaj tumse juda ho kar aansu k saath wo waqt bahut yaad aata h...

Kyon milti h judai

Kyon milti h judai unse hi jo rahte h dil me har pal hi , kyon diya h dard unhone hi jinhe di khushi har pal hi, kyon diye aansu usne hi jinhe di muskuraht har pal hi, mili kyon unse hi wafa k badle bewai jinpe har pal h jaan lutai......

Friday, 18 November 2011

A True Love Story ( part !! )

प्यारे दोस्तों तो आपने मेरी कहानी का पहला भाग पड़ा, मुझे उम्मीद है की आपको अच्छा लगा होगा, दोस्तों अब हम आपको अपनी कहानी का दूसरा भाग लिखने जा रहे हैं, और उम्मीद करते हैं की ये भी आपको बहुत पसंद आएगा,






समीरा शुभम का साथ प् कर बहुत ही ज्यादा खुश थी, उससे तो जैसे जन्नत ही मिल गयी थी, समीरा को उसका पहला प्यार जो उससे मिल गया था, उसे वो पल मिल ही गया था आखिर जिसका वो न जाने कब से इंतज़ार कर रही थी, पर शायद ये ख़ुशी ज्यादा दिन की नही थी,


    समीरा की मासूमियत यहाँ भी उसकी ख़ुशी में बाधा बन्ने लगी, अनजान सी,भोली  सी, दुनिया के बनावटीपन से दूर समीरा को शुभम का व्यवहार कुछ अजीब सा लगता था, पहला प्यार था उसका, अनजान थी हर रिस्ते से वो, पर शुभम  उसको ठीक से नही समझता था, उसकी मासूमियत की वज़ह से बहुत बार उसकी हर मोड़ पर बेईज्ज़ती करने लगा, उसमे खामिया गिनने लगा, समीरा को कुछ समझ नही आता था की वो क्या करे, आखिअर वो उससे रिश्ता ख़त्म करना चाहती थी, उसे लगने लगा था की वो शुभम के लायक नही है बल्कि किसी के भी लायक नही है, हर रोज़ लड़ाई से अच्छा है रिश्ता ही ख़त्म कर दिया जाए,
     शुभम भी शायद ये ही चाहता था, दोनों ने अलग होने का फैसला ले लिया, पर कुछ दिन बाद फिर एक हो गए, दूर होने पे इन्हें अपने प्यार का अहसास हुआ, पर शुबम का वयवहार अब भी नही बदला था, बात बात पे लड़ता, उसे दुःख पहुचता, उसने कभी उसके दिल को जान्ने की कोशिश नही की, नहीं जाने को कोशिश की वो उससे कितना चाहती है, और न ही ये की उसे उसके प्यार की कितनी जरूरत है, बचपन से ही जिसने सिर्फ आंसू देखे हो उससे पैसे नही सिर्फ सच्चा प्यार चाहिए, जो उससे हमेशा खुश रखे, ये ही वो सिर्फ शुभम से चाहती थी, पर वो इन् से अनजान सिर्फ समीरा हो गमो के सागर में डुबो कर रखता था,



फिर एक दिन उसने ऐसा झगडा कर के ऐसा उसका दिल तोडा की समीरा को अपने एक सहेली के साथ दिल्ली से दूर किसी और शहर जाना पड़ा, वह उससे भुलाने की बहुत कोशिश की उसने पर न कर सकी वो, वहां जब भी घूमने वो जाती तो मन्नतो में सिर्फ शुभम को ही मांगती थी की वो उसकी ज़िन्दगी में वापस आ जाए, उससे पाने के लिए वो कुछ भी करने को तैयार थी, कांटो पे चलने को भी तो तैयार थी, बहुत कष्ट सहा उसके लिए और उस नादान ने कभी जाहिर भी नही होने दिया उसे कुछ सिवाए अपने प्यार के,



वक़्त ने एक बार उसे शुभम को दिया, पर शुभम की आदतों में अब भी कोई सुधर नही था, दिल दुखता था बार उसका, किस्मत ने एक बार करवट बदली, समीरा अपने परिवार के साथ उसके शहर जो की एक तीर्थ स्थल था वह आई, उसने सोचा इतने सालो से जो उससे नही मिली हूँ अब उससे मुलाक़ात हो जायगी, पर नसीब में उसे मिलने नही था लिखा, वो उसके पास से निकल गयी पर उसे न देख पायी,

     वापस दिल्ली आने में पे उसकी आँखों में सिर्फ आंसू थे, पता नही कब मिलूंगी उससे ये सोच सोच कर आंसू गिराए जा रही थी वो, कोई न देख ले उसके आंसू इसलिए बार बार वाशरूम रा रही थी वो,




भगवन ने फिर एक बार उसके साथ मजाक किया कुछ दिन बाद शुभम दिल्ली आया, उसने उससे वहां आ कर संपर्क किया पर उस दिन समीरा मंदिर गयी थी, और अपना फ़ोन घर पे छोड़ गयी थी, जब वापस आई और उसने शुभम की छूटती कॉल देखि तो उसने फोन पे उससे संपर्क किया पर तब तक वो दिल्ली से जा चूका था,



धीरे धीरे वक़्त फिर ऐसे ही बीतता रहा, कुछ दिन बाद फिर शुभम दिल्ली आया पर समीरा फिर उससे न मिल सकी किसी वज़ह से, कुछ दिन बाद शुभम ने समीरा से फिर झगडा किया और उससे बात करनी बंद कर दी, प्यार की प्यासी समीरा को लगा की उसकी वज़ह से शुभम को दुःख पंहुचा है, वो मथुरा ब्रिन्दावन दर्शन के लिए गयी, वह अपनी गलती जो उसने की थी नहीं थी भगवन से माफ़ी मांगी सिर्फ शुभम के लिए और तपती ज़मीन पे पूरा ब्रिन्दावन घूमी, ये सोच कर की उसकी वज़ह से शुभम को दुःख पंहुचा है तो ये उसकी सजा है, उसने शुभम को दुःख कैसे दे दिया...... ज़िन्दगी के हर मोड़ पर वो सिर्फ उसकी ख़ुशी चाहती थी और बदले में सिर्फ उसका प्यार....




ज़िन्दगी चल रही थी फिर एक दिन अचानक ऐसा मोड़ आया जिसने बहुत कुछ बदल के रख दिया, शुभम ने फिर से बुरी तरह समीरा का दिल तोड़ दिया, इस बार समीरा फैसला किया की अब वो इस रिश्ते को ख़त्म कर के किसी और का हाथ थाम लेगी जिससे वो नही  वो उसे बेहद चाहेगा, अपनी इस्सी चाहत को तलासने लगी, कोई उससे ऐसा नही मिला जो उसे सच्चा लगे, फिर एक दिन उसकी एक नेट फ्रेंड ने एक लड़के से उसका परिचय करवाया,धीरे धीरे उनकी बात चीत होती गयी, कुछ दिन बाद उस लड़के ने समीरा को प्रस्ताव दिया, समीरा प्यार की भूखी थी ऊपर से शुभम द्वारा बार बार उसका दिल तोडना, परेशान हो कर समीरा ने उस लड़के प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और उसे कुछ अपने ख़ास दोस्तों से मिलवाया, दोस्तों को भी उसने प्रभावित कर दिया, समीरा को लगा की दोस्तों को जिसने इतना प्रभावित किया है जरूर वो एक अच्छा इंसान होगा, समीरा की नादानी ने एक बार फिर उसे धोखा दिया,

    उस लड़के ने भी सिर्फ समीरा और उसके जज्बातों के साथ खिलवाड़ कर के छोड़ दिया, वक़्त और हालत से हारी हुई समीरा टूट सी गयी, पर ये क्या हुआ फिर से उसकी जिंदगी में शुभम आने लगा था, सोचा समीरा ने शायद भगवाने ने उसे ही मेरी किस्मत में लिखा है, अब मैं इसे छोड़ कर कही नही जाउंगी, जो कुछ भी उसके साथ हुआ वो सब कुछ उसने शुभम को बता दिया, सोचा उसने शुभम उससे प्यार करता है ये तो सब जान कर भी उसे चाहेगा,


पर सब कुछ जान्ने के बाद शुभम उसे शादी नही करना चाहता, वो सिर्फ उसे अपनी प्रेमिका चाहता है पर जीवन साथी नहीं, पर सच तो ये समीरा के साथ जो कुछ  भी हुआ इसका काफी हद तक ज़िम्मेदार शुभम भी है......



              मेरे प्यारे दोस्तों मेरी कहानी पड़ कृपया मुझे बताये की शुभम को समीरा से शादी करनी चाहिए या नही, क्या साड़ी गलती सिर्फ समीरा की है या फिर दोनों की, अगर सजा दी जाए तो किसे दी जाए...




धन्यवाद दोस्तों




A True Love Story

हेल्लो दोस्तों आज हम आपको एक सच्ची प्रेम कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसका अंत क्या होगा हमे नही पता इसके लिए हमे आपके मशवरे की जरूरत पड़ेगी, तो कृपया आप सब लोग मेरी इस कहानी को पड़ कर अपना मशवरा मुझे जरूर दे, धन्यवाद!








समीरा दिल्ली मैं अपने परिवार के साथ रहती थी, ज़िन्दगी में उसने कभी कोई ख़ुशी न मिल पायी थी, अपनी २१ साल की उम्र में उसने सिर्फ दुःख और अकेलापन ही पाया था, घर और बाहर हर जगह उसने खुद को हमेशा तनहा ही पाया था, उसकी मासूमियत ही उसके दुश्मन थी, उसका भोला पन ही था शायद जिसकी वज़ह से उससे हर जगह उपेक्षा ही मिली, अपना हक अगर मांगी थी घर में तो सिर्फ वो लड़की है उससे ज्यादा नही बोलना चाहिए ये कह कर चुप कराने की कोशिश की जाती, कोई और था नही उसका साथ देने वाला मजबूर हो कर वो भी चुप हो बैठ जाती, और सोचती कही तो होगा वो जो उससे बेहद प्यार करेगा, जो उससे ऐसी दुनिया में ले जायगा जहाँ सिर्फ और सिर्फ प्यार ही प्यार होगा, वो उससे इतना प्यार देगा की अब तक की उसकी ज़िन्दगी के सारे दुःख दर्द उसका प्यार कम कर देगा,




वक़्त ऐसे ही बीत रहा था की उसके घर के पास शुभम नाम का लड़का रहने आया, वो समीरा की पहली उससे मुलाक़ात थी, समीरा को उससे देख कर ऐसा लगा जैसे शायद ये वो ही है जिसका उसने अब तक इंतज़ार किया है, वो उससे धीरे धीरे चाहने लगी पर दिल की बात उससे न पता लगने दी,


फिर एक बार उस लड़के का ज़िक्र उसने अपनी एक सहेली नीता से किया, उसने कहा जा एक बार बोल दे उससे अपने दिल की बात क्या पता वो भी तुझे चाहने लगी, पर समीरा ऐसा न कर पायी, वो उसके दिल की बात जाना चाहती थी, वो चाहती थी की कही उसकी ज़िन्दगी में और कोई तो नही है, कही वो ज़बरदस्ती तो उसकी ज़िन्दगी में नही जा रही है,
    इससे उधेड़बुन में वो रहती थी, और एक अच्छा सा मौका दे कर उससे अपने दिल की बात बताने की सोचती थी, हर रोज़ सुबह शाम छिप छिप कर उससे देखना जैसे उसकी आदत बन गयी थी, जिस दिन उससे न देख पाती थी उससे रात को नींद भी नही आती थी, सोचती रहती आज उसका दिन कैसा रहा होगा, वो थक गया होगा बहुत, काश मैं उसके लिए कुछ कर सकती, 



वक़्त यु ही बीतता गया, एक दिन उससे पता चला की हमेशा के लिए वो कही जा रहा है, समीरा का दिल टूट सा गया क्यों की वो अब तक उससे अपने दिल की बात जो नही बता पायी थी, पर चाहती थी एक बार उसके जाने से पहले उससे बता दे की वो उससे कितना चाहती है, उसने अपनी एक बहुत ही ख़ास सहेली  से इस बारे में बात की और उसने कहा की दिल की बात खाली हाथ नही करनी चाहिए कुछ दे कर उससे कहोगी तो उससे अच्छा लगेगा और शायद वो फिर यहाँ से जाए ही नही, 
     ये कह कर उसकी सहेली उससे मार्केट ले गयी और वह से सबसे खूबसूरत महंगा ग्रीटिंग कार्ड और एक नन्ही सी डोल जैसा कुछ ( जिससे देख कर लगता था की वो किसी का इंतज़ार कर रही है) ले कर आई, और एक मौका देखने लगी उससे इससे दे कर उससे बात करने का और दिल बात कहने को कहा  , उसकी सहेलियों ने सलाह दी  की चुपके से उसके घर पे रख आओ और एक साथ में चिठी जिसमे तुम अपने मन की बात लिख देना, पर शायद किस्मत का और कुछ फैसला था,


       उसके कुछ कहने से पहले ही वो जा चूका था, उसके सही मौके के इन्जार में वो इस शहर से दूर कही जा चूका था, समीरा को न उसके शहर का पता था और न किसी तरह संपर्क का,



उसका दिल बुरी तरह टूट कर बिखर गया, कहाँ जाए कैसे उससे संपर्क करे कुछ पता नही था, वो हर वक़्त भगवान् से प्राथना करती रहती काश एक बार उससे देख लू मैं, वो ठीक तो है ये जान लू मैं फिर चाहे न मिले ज़िन्दगी में वो कोई शिकवा नही,  उसकी भगवान् ने आखिर सुन ली, कुछ वक़्त आया वो वह पर समीरा ने उससे फिर भी अपने दिल की बात उससे नही की, देखती रही वो एकटक, भारती रही अपनी नज़रो में उससे क्यों की वो जानती थी शायद ये उसकी आखिरी मुलाक़ात है, 


उसके जाने के बाद समीरा ने उससे भुलाने की बहुत कोशिश की, खुद को बहुत ज्यादा व्यस्त  रखा, पर दिल से उसका ख्याल नही जाता था, जाने क्या हो गया है उससे ये समझ नही आता था,
        किस्मत ने फिर एक खेल खेला, एक दिन वो वह गयी जहाँ शुभम रहता था उसके घर के पास, वह कुछ उसके ऑफिस के पेपर्स मिले, जिनसे उससे उसके घर का  फ़ोन नंबर और ईमेल आई दी मिला,  समीरा ने उसके घर पर फ़ोन कर के उसका मोबाइल नंबर ले लिया, वो चाहती थी की उससे फ़ोन कर के अब तो अपने दिल बात उससे बता दे, कह दे उससे की वो उसके बिना नही रह सकती है, उसके जाने का इतना वक़्त हो गया दिल से उसकी याद नही जाती है, पर फिर वो डरती थी कही उसकी ज़िन्दगी में अब कोई और न लड़की आ गयी हो, कही वो उससे ठुकरा न दे, वो उससे इतना चाहने लगी थी की उसकी न तो वो सुन ही नही सकती थी, कभी सोचती की अगर वो उससे फ़ोन करेगी तो पता नही वो उससे पचानेगा की नही, क्या सोचेगा उसके बारे में, इस तरह न जाने कितने ख्याल उससे आते, फिर सोचती की उससे मेल कर के उससे सब कुछ बता दू, पर इससे दर से उससे कुछ न कह पाती की वो कही उससे ठुकरा न दे,



        फिर उसकी जिंदगी में एक लड़की आई, समीरा को लगा जैसे शायद ये लड़की उसके इस मामले में कोई मदद कर सकती है, उसने उससे अपनी समस्या बताई, उसने उससे समझया इस तरह घुट घुट कर जीने से तो अच्छा है एक बार उससे बात कर के अपने दिल की बात बता दो और सब कुछ साफ़ कर लो, जो भी वो फैसला उससे ख़ुशी ख़ुशी एक्सेप्ट कर लो, अगर वो न कहे तो उससे कभी बात मत करना और अगर हाँ कहे तो ये तुम्हारा लक्क है,



उसकी बात मान कर समीरा ने मेल के द्वारा शुबम को अपने दिल की बात बता दी, शुबम ने भी उससे ख़ुशी ख़ुशी एक्सेप्ट किया साथ ही कंप्लेंट भी की क्यों की उसने इतना वक़्त क्यों लगाया अपनी बात कहने में, अब वो उससे दूर है कैसे उससे मिल पायगा, समीरा ने कहा दिल से दूर नही होना चाहिए जगह की दूरी कोई दूरी नही होती,











सो मेरे प्यारे दोस्तों ये तो था कहानी का एक हिस्सा और अभी बाकी है, आपको कैसा लगा ये मुझे कृपया जरूर बताइयेगा, मुझे आपकी राय चाहिए...........

Gamgeen Sharies

kabi to koi milega hme b....
 
Soch tha zindagi me kabi to koi milega hme b, jo thamega hath zindgi bhar hmara b, koi to hoga jo zindagi bitayga sirf hmare saath hi, ye khwaab to sirf khwaab ban kr rah gaya, jise apna samjh baithe the wo hi zindgi bhar k liye aansu de gaya....
 
 
 
Waqt k samndar me....
 
Waqt k samndar me kis kadar dubte rhe khwaab mere, lehro ne zindagi ki b kya h khel khela kis kadar muje le ja kar kisi anjan sahil par h chhoda, ek waqt tha jab kat ta nhi tha ek pal unka bin hmare aaj wo hi de kr ashko k tohfe wo kahte h na hm the aur na tum the kabi mere......
 
 
 
 
Ek khushi ki chah me....
 
Ek khushi ki chah me zindgi guzaar di, jisko di khushiya maine usne hi gamo ki duniya beshumar di, hmne chaha jise beintha ussi ne mujhe dard-e-tanhai har mod par di......
 
 
 
 
 
jab chaha sath kisi ka....
 
Chale saath sabke par jab chaha sath kisi ka to khud ko akela paya, khushiya luta apni di sabko hassane k liye par jab hmne muskurana chaha to namm aankho me aansuo ko paya, chalte rhe har kadam pe sabi k par jab khud ne kisi ko chaha to tanha paya, luta di zinadgi apni sabki sawarne k liye par jab maut ko gale lagana chaha to usse b saath na paya.....

Tuesday, 15 November 2011

Gamgeen Sharies


gam chhipate h....
Hass kr apna gam chhipate h, aansu nikalte h to usse pani batate h, muskurate h hm q ki unhe hmara muskurana pasand tha, isliye jab chhod gaye mujhe tanha tab bhi unki khushi k liye hi dard chhipa kar unhe yu yaad kar har ghadi muskurate h..
 
 
 
 
 
Hai shikwa nhi..
Hai shikwa nhi usse, hai shikwa nhi kisi se, hai shikwa to bas apne nasib se, bachpana se dard-e-tanhai payi hmne, fir jab mila saath unka laga ab to kam ho jaygi dard-e-tanhai zindgi me, ye sochna galat nikal ya fir kismat ka fesla yahi tha, jinka sath pa kar khush the hm wo bhi kr gaye iss kadar yu ruswa zindgi me ek din.....
 
 
 
 
 
bachapan ki wo duniya....
Mere bachapan ki wo duniya baht achhi thi, jhuth, fareb, dhokhe wali baat waha nhi hoti thi, dekhte the khwaab bhi par wo bhi kitne sachhe the jab hm bachhe the q ki unme kisi k aansu nhi sabki muskuraahat hoti thi, waha na dil todne aur na jodne wali baat hoti thi, bikhra tha pyar har jagah uss waqt, na tha koi dur na tha koi paas yar apna, duniya ki rasmo riwaz se dur wo duniya baht achhi thi....
 
 
 
 
bhula du usse...
Chaha baht bhula du usse, dil se kr du juda usse, chhod du usse yad krna, khatm kar du usse har rishta apna, par na jane rab ki kya h marzi, jitna kiya h usse dil se dur uski yaad utni h jyada aane lagi, todna chaha jb usse apna rishta tab tab kaise tha paya usse beete lamho ki baate wo yad aane lagi, na kr sake dil se dur usse bhale puri zindagi intzar me guzarni padi uski..

mil kar unse apne ashk hum chhipate hain....

mil kar unse apne ashk hum chhipate hain, dekh kar puch na le ki ye kyon nikal aate hain, unke jaane pe hum iss dil ko samjhate hain, ae naadan dil wo nhi hai teri wafa k kaabil, ae o nadan dil nikal de unhe apni inn dhadkano se, ye sun kar dil kahta hai hai yakin mujhe ek din unhe bhi mujhse pyaar ho jaayga, hai wo bewafa aaj bhale lekin ek din wo bhi mere liye wafa kar jaayga, jaise aaj wo hai meri dhadkano mein kal unki har dhadkan mein b sirf mera naam aayga, ye kah kar mera ye dil mujhko samjhata hai, jo tadap di hai unhone mujhe wo ye kah ye kuch kam kar jaata hai...

intzaar

tumhe bhool jaau ye kahna aasan hai karna mushkil, tumse door jaau ye kahna aasan hai karna mushkil, kar du tumhe juda khud se ye ye kahana aasana hai karna mushkil, par tera intzaar karu main zindagi bhar ye mushil to hai par teri yaado k saaye mein tera intzaar karna aasarn hai...

waqt ne fir ye kaisi...

Waqt ne fir ye kaisi karwat hai badli, jise pana apni khushnasibi samjhte rahe wo hi meri badnasibi nikali....

sad song




humne di khushiya unko duniya mein, na mili mujhko unse iss jahan mein, ooooo

humne di khushiya unko duniya mein, na mili mujhko unse iss jahan mein,  !!!!


kar di kurbaan apni sab nishaniya, chhod diya unko bhi jo the mere apne, unke liye maine to sab ko bhula diya, de diya sab kuch jo bhi mere paas tha, bana k apna mujhe wo dhokhe dete rahe, dil bhi unhi dhokho mein jeeta raha, chah kar bhi unse na kuch bol saka, door jana chahta tha par wo bhi na ho saka !!

ajeeb khel hai ye mohbbat ka, hoti bhi hai to unse jo todte hai dil ko sheeshe ki tarah, bana k dil k rishte ko  ek khel wo chhod jaate hain, tod jaate hai dil aur tanha kar jaate hain, kyon ye dil chah kar bhi na door unse hai ho  pata, na rakhte hai wo apne kareeb fir bhi har jagah ye dil sirf unhi ko hai dhoondta hai rahata !!!!!!!!!!!!!!!

kaash ye dil todne walo ko bhi aisa koi mil jaaye, apna bana kar unhe bhi koi chhod jaaye, dete jo dard judai ka, bana k akela jo chhod dete hain majhdaar mein wo, kaash unhe bhi koi aisa mile jo chhod jaaye unhe bhi yu hi tanhai mein, de unhe bhi koi dard aisa jo dete hai wo aksar hume to humesha, 

ae rab tu sun meri ye fariyaad kabhi, ho jaaye unhe bhi kisi se sachhi chahat kabhi, de jaaye unki mohbbat unhe bhi dkokha kabhi!!
kabhi to kar de wo bhi kisi pe apna sab kuch kurbaan, luta de apni dilo jaan, chaahe usse wo bepanah,
wo hi chhod de unhe ek din bewazah, kar k jhoothe wade tod jaaye unhe, chhod jaaye unhe beech rah mein!!

 
humne di khushiya unko duniya mein, na mili mujhko unse iss jahan mein, ooooo

humne di khushiya unko duniya mein, na mili mujhko unse iss jahan mein,  !!!!


humne di khushiya unko duniya mein, na mili mujhko unse iss jahan mein, ooooo

humne di khushiya unko duniya mein, na mili mujhko unse iss jahan mein,  !!!!



                               



Dosti

Dosti me ladai b hoti h aur pyar b, judai b hoti h aur yaar se milne ki khwaaish b hoti h, toote dil jab dosto ki mehfil me ja kr dard kam krne ki unki apni koi tarkeeb sujhai hoti h, dete h har mod pe saath ye dost, tabi to kahte h hm dosti badi hasin chiz hoti h.....

dard bhari shayreis



Ek adhura sa khwaab hu mai...

Ek adhura sa khwaab hu mai, toote huy taare ki raakh hu mai, doobti hui naviya mai akela dubta hua naavik hu mai, h nhi dard muje mere iss akelepan ka, tees to uthti h jab kisi ne haath thaam kar mera mujhse kaha tha tere har pal saath hu mai, tod k saare waade chala gaya wo, dard-e-judai de gaya wo, fir b lagta h wo kahta h ki tere paas hu mai....
 
 
 
 
 
 
Fir sooni kr k zindgi meri...
Fir sooni kr k zindgi meri chala gaya koi, fir khwaab dikha k nind se jaga gaya koi, fir dil laga k tod gaya koi, fir zindagi ko majhdhar me le ja kr chhod gaya koi, kasur unka tha ya meri kismat ka, mujhe apna bana kar fir chhod gaya koi....
 
 
 
 
 
Unki ek khushi k liye....
Unki ek khushi k liye duniya ko thukra diya, unki ek hassi k liye apno se naata tod liya, the muje duniya me wo sabse aziz, jinke k liye maine sab kuch chhoda unhone hi aaj mujse muhh h mod liya..
 
 
 
 
 
Dil todna aadat thi unki...
Dil todna aadat thi unki, apna bana k tanha kr jana adaa thi unki, karib aa kr dur chale jana ye to har roz ki baat thi, de baithe unhe apna dil unko jante huye b hm, jabki dillagi krna unki aam baat thi....

Monday, 14 November 2011

Romantic sharies







khuda ki remat hoti h...
Mohabbat khuda ki remat hoti h, par fir q mohbbat krne walo ko jhuth bolne ki jarurat hoti h, milte h jab premi tab na unke ghar walo ko aur na karibiyo ko koi khabar hoti h, agr mohbbat gunah nhi rehmat-e-khuda h to khul k karo ailaan apni chahat ka, jhuth nhi sach k sath thamo haath premi ka, kr wafa tu apne dilbar se baaki chhod de uss khuda pe, q ki sachhi chahat aur wafadari par hi khuda ki bhi marzi hoti h..
 
 
 
 
 
 
 
 
 
Tumse ruth jaye b to kaise...
Tumse ruth jaye b to kaise, tumse dur jaye b to kaise, kat ta nhi ek pal b tum bin, tumhe bhul jaye b to kaise......
 
 
 
 
 
 
 
Dur hone par b...
Dur hone par b tumse dur na ho sake, juda hone pe b tumhe khud se juda na kr sake, bass gaye ho meri ruhh me tum aise ki dhadkata h mera dil par har waqt tum isme rahte ho, tumhe khud se juda kar na gi sakenge ek pal hm, ho tum meri zidagi ki aas tabi tumse dur ho b tumse dur na ho sake..
 
 
 
 
 
Meri dil ki dhadkan tumse h...
Meri dil ki dhadkan tumse h, meri har saans tumse, hai khushbu meri tan badan ki tumse, hai mehak meri zindagi ki tumse, hai meri har khushi tumse, hai meri har baat sirf tumse, hote hai naraz par fir bhi karte hai baht pyar sirf tumse..
 
 
 
 
 

Sunday, 13 November 2011

Romantic sharies

 
 
Na socha tha...
Na socha tha iss tarah unse yu mulaqat hogi, na socha tha iss tarah aankho se baat hogi, na socha tha is tarah mohabbat hogi, kaise aaye meri zindagi me wo kaise chura le gye dil mera wo, na socha tha ek dil k chor se yu chahat hogi....
 
 
 
 
 
 
 
Unke ek didar k liye....
Unke ek didar k liye palke bichhaye baithe h, barso beet gye unki ek jhalak k liye, hm aansu ki nadiya bahaye baithe h, kabi to aaynge wo mere hmdam, unke liye to hm khuda ko bhi naraj kiye baithe h....
 
 
 
 
 
 
 
 
Tumse dur na ab kabi jaynge...
Tumse dur na ab kabi jaynge, hui thi jo khata hmse wo na fir dohrange, karenge tumhe ab itna pyar ki mar k juda bhi agr huye tumse to sirf tumhare liye hi laut aaynge
 
 
 
 
 
 
 
 
Saawali raat beeti..
Saawali raat beeti, bhor hua suraj nikla, chidiya lagi chehakne aur murge ne bhi apna h sur taal badla, dekh subah ka ye khubsurat nazara hmne bhi sabke naam suprabhat h ye sandesh likh dala.... Gud morg frdz
 
 
 
 
 
 
 MY THOUGHT
Pyar me break up bhi jaruri h q ki iske baad hi ek dusre ki ahmiyat ka ehsaas hota h, aur pta chalta h ki ek dusre k liye kitne imp aur special h, bt aisa bhi break up nhi krna chahiye ki ek dusre se pyar nafarat me badal jaye..