Wednesday, 28 July 2021

Self love pr kavita

जानें क्यों कुछ में मचलने लगी हूँ

कहते कहते क्यों में रुकने लगी हूँ

हुआ था न पहले ये कभी  मुझे

खुद से ही मोहब्बत में करने लगी हूँ


रास्तों पर अकेले में टहलने लगी हूँ

खुद से ही बातें मैं अब करने लगी हूँ

खोई रहती हूँ  यु अब दुनिया भुला

बस कुछ ऐसे खुश में रहने लगी हूँ


पल-पल ऐसे अब मैं संवरने लगी हूँ

कुछ ऐसे अब में यु निखरने लगी हूँ

हो गयी है आशिक़ी खुद से ही मुझे

ख़ुद पर ही अब तो में मिटने लगी हूँ


 

Romantic hindi shayri

 "तू है दिल की धड़कन तू ही सुकून है मेरा

तुझ से है ख़ुशी मेरी ....तू ही जुनून है मेरा"

Friday, 23 July 2021

प्यार भरी शायरी। romantic shayri

 "जी चाहता है सब भूल जाऊ में

आज तेरी कुछ ऐसी हो जाऊं में

बाहों भर लो आज मुझे तुम ऐसे

की बस आज तुझमे खो जाऊ में


बन तेरी दूर तुझ से न जाऊ मैं

कुछ ऐसी आज तेरी बन जाऊं में

लुटा दूँ प्यार तुझ पर यु इस कदर

इश्क में तेरे खुद को भूल जाऊ में"

Sunday, 11 July 2021

Romantic shayri

 जाने क्यों ये दिल बेकरार बहुत है

मोहब्बत का किया इज़हार बहुत है

तुम सताते हो  हर लम्हा फिर भी

जाने क्यों तुम से हमे प्यार बहुत है

Saturday, 10 July 2021

Love shayri

 जी चाहता है ख़फ़ा तुम से हो जाऊं में

कुछ ऐसे तुम को भी अब सताऊं में

पर इस दिल को तुम से प्यार बहुत है

फिऱ कैसे तुम से अब यु दूर जाऊं मैं

Thursday, 8 July 2021

तुझे बुलाती है

 तेरी याद में पलकें मेरी भीग जाती हैं

इस भीड़ में तेरी याद मुझे सताती है


तु खुश है तड़पा कर मुझे इतना कैसे

बिन तेरे ज़िस्म से रुह निकल जाती है


काश तू समझ सकता मेरे ज़ज़्बातों को

बिन तेरे देख मेरी आँख भर आती हैं


तोड़ कर चला गया दिल मेरा तू ऐसे

मेरी हर धड़कन फिरभी तुझे बुलाती है

Love shayri hindi

 "किसीसे दिल लगाना यु आसां नही होता

किसीको दिलमे बसाना यू आसां नही होता

जिस अज़नबी को अपना बना लिया दिलने

दूर उससे जाना फ़िर यु आसां नही होता"

Love shayri hindi

 "दिल से दिल की बात कुछ ऐसे हो जाये

एक दूजे की बाहों में आज हम खो जाये

भूल दें दुनिया के रस्मों-रिवाजो को फ़िर

आज हम कुछ ऐसे एक दूजे के हो जाये"

Saturday, 3 July 2021

शायरी

 मोहब्बत में लोग अश्क़ बहाते बहुत हैं

हँसा कर लोग देखो फ़िर रुलाते बहुत हैं

ख़्वाब दिखाते हैं ख़ुशी के पहले फ़िर

तोड़ कर दिल सनम का सताते बहुत हैं।

Love hindi shayri

 दिल की बात बताना न आया हमें

रोकर फ़िर मुस्कुराना न आया हमे

वो देते रहे पल पल ज़ख्म इश्क में

पर इल्ज़ाम उनको न देना आया हमे


दर्द में भी उन्हें न सताना आया हमे

इश्क़ में किसी को रुलाना न आया हमें

सहते रहे सितम हम ज़माने के यूँही 

ज़ज़्बातो को फ़िर जताना न आया हमें

मेरी प्यार भरी शायरी

 दूर जितना तुमसे हम होना चाहते हैं

करीब उतना ही खुदको हम पाते हैं

कैसा रिश्ता है तुमसे मेरा ए मेरे  हमनशीं

तुमसे है मोहब्बत और तुमसे ही छिपाते हैं