Saturday, 15 May 2021

मेरी शायरी

1-"वक्त  और  हालातों  से बहुत  लड़े हम

हर बार  गिरकर फ़िर  से हुए खड़े हम 

पर आज  कुछ टूट  कर यु बिखर गए  हैं

इस महफ़िल में देखो कैसे उजड़े पड़े हम"


2- "संग तेरे गुज़ारे वो पल बहुत याद आते हैं


संग तेरे जिये वो पल मुझे बहुत रुलाते हैं


कैसे भुला दूँ तुझे दिल से मैं यूँही ए ज़िंदगी


बीते हुए ये पल करीब तेरे और मुझे ले आते हैं"

Thursday, 1 April 2021

मेरी कविता

 हँसा कर मुझे कभी रूला मत जाना

पास आ कर अब फ़िर दूर मत जाना


तुम्हें अपना माना है दिल से मैंने तो

दिल मेरा कभी यु तोड़ मत जाना


जो रूठो तुम तो मनाउ फ़िर तुम्हें मैं

पर मुझ से कभी तुम मुँह मोड़ मत जाना



शायरी

 आज फ़िर कोशिश की कोई बहाना करने की

ख्वाइश हुई आज फ़िर कोई तराना कहने की


सोचा दिल की हर बात कह दूं तुझ से आज

ख्वाइश हुई आज फ़िर दिल आशिकाना करने की





Romantic mix sad shayri

 दिल पूछता है मेरा ये हर बार

आखिर क्यों होता है प्यार
टूटता है दिल मोहब्बत में 
फ़िरभी रहता है उनके लिए बेक़रार

Thursday, 11 February 2021

शायरी

" ज़िंदगी छोटी है पर काम बहुत है

मंज़िल को पाने में इम्तिहाँ बहुत है"

Wednesday, 13 January 2021

दर्द भरी शायरी

 "तुमसे दूर हो जाये कैसे

जुदा तुमसे हो जाये कैसे

रूह में बस गए हो तुम

इस रिश्ते को भुलाये कैसे"