चलते चलते जाने क्यों हम आज रुक से गयेक
हते कहते कुछ जाने क्यों हम चुप हो से गये
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चलते चलते जाने क्यों हम आज रुक से गयेक
हते कहते कुछ जाने क्यों हम चुप हो से गये
"तुम्हे क्या बताये तुम्हे कितना चाहते हैं
अपनी हर ख़ुशी में तुम्हे ही हम पाते हैं
"ये ज़रूरी नही रोज़ बात करें हम
ये ज़रूरी नही रोज़ मुलाकात करें हम
प्यार तो हमेशा रहेगा दिलमें हमारे
बस इतना सा ये याद रखें हम"
ख़फ़ा तुमसे हम हो नही सकते
दूर अब तुमसे हम जा नही सकते
दिलमे बसे हो कुछ यू इस तरह मेरे
तुम बिन अब हम रह नही सकते
दिलकी बात किसीसे कह नही सकते
दर्द जुदाई का अब हम सह नही सकते
तड़पते है जिसके लिए दिन-रात ऐसे
उससे ये बात देखो हम कह नही सकते
हसना भूल गए हम पर रो नही सकते
आँखे किसीको नम दिखा नही सकते
है दर्द कितना दिलमें मेरे ए हमनशीं
ज़ख्मो पर मरहम भी लगा नही सकते
है मजबूर हम की कुछ कह नही सकते
चुप रहकर यु हम खामोश रह नही सकते
नज़रे बता जाती है मेरी दिलका हाल ऐसे
पर ज़ुबाँ पर नाम उनका ले नही सकते